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"हम इस वक़्त ऐसे दहाने पर खड़े हैं जिसके आगे खाई है तो पीछे कूआं ", हारून रशीद

हारून रशीद,

इंक़लाब आएगा रफ़्तार से मायूस न हो
बहुत आहिस्ता नहीं है जो बहुत तेज़ नहीं

हम इस वक़्त ऐसे दहाने पर खड़े हैं जिसके आगे खाई है तो पीछे कूआं, हमारी ग़लतियां तो पीछे कूंए को नहीं पाट सकती लेकिन आगे खाई को समतल करने के लिए हमारे पास इस वक़्त मुत्तहिद होने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है, इस खाई को हम मुत्तहिद होकर ही पाट सकते हैं पाट ही नहीं बल्कि मुत्तहिद होकर एक मज़बूत चट्टान बना सकते हैं जो हमेशा के लिए हमारे लिए सुरक्षित ढाल बन जाए ।

हमारे नवजवानों, लोगों के दिलों में अपनी क़यादत का जज़्बा अब उफ़ान पर है, और इसके थोड़े बहुत साकारात्मक नतीजे सामने आने लगे हैं, परंतु लड़ाई बेहद लंबी है, इस जज़्बे और हिम्मत को बरक़रार रखना होगा, ऐसा न हो कि ये जज़्बात हमेशा की तरह माज़ी बन जाएं ।

#अलीगढ़_इनकाउंटर में जिस तरह पहल करते हुए #राष्ट्रीय_ओलमा_कौंसिल एवं #मजलिस ने दहाड़ लगाई, लखनऊ में दो बेक़स़ूर सगे भाइयों की निर्मम हत्या पर जिस तरह फ़ौरन इन दो पार्टियों के दल पहुंचे, और इंसाफ़ की लड़ाई लड़ने के लिए हर संभावित मदद का वादा किया, #शहीद_अब्दुल_सुबूर के परिवार वालों को इंसाफ़ दिलाने के लिए #MEEM टीम के नेतृत्व में कौंसिल व अन्य लोगों ने मिलकर केजरीवाल के घर डटे रहे, जो कि इस ज़ुल्म-ओ-ज़्यादती के दौर में हमें इन पार्टियों, टीमों का साथ सुकून देता है, सुरक्षित महसूस कराता है।

यहां सवाल यह नहीं कि कौन पहले से लड़ रहा कौन बाद में, कहां अलग-अलग आवाज़ उठाई गई और कहां मिलकर, कौन पहले पहुंचा कौन बाद में ।

मेरे  सीने  में  नहीं  तो  तेरे  सीने  में  सही,
हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए

इन सभी आवाज़ों ने सेक्यूलर पार्टियों के कान में शोर मचाना शुरू कर दिया, कानों पर अभी जूं रेंगनी शायद शुरू हुई, जहां अखिलेश यादव ने अलीगढ़ इनकाउंटर पर अपना एक जांच दल गठित किया वहीं केजरीवाल ने कहा कि शहीद के परिवार के साथ जल्द ही इंसाफ़ होगा।

इन दोनों नेताओं की यह बातें अभी समंदर में मात्र एक बूंद है, ये अपने राजनीतिक जाल में फंसाए रखने के लिए आपके सामने जुमलादार दाना फेंक रहे हैं, इससे बरसों का अन्याय नहीं जाने वाला ।

आप सभी ये हिम्मत और हौसला बनाए रखिए, और आवाज़ की धार को और तेज़ कीजिए, अपनी क़यादत के तले मज़बूती से पैर जमाए रखिएगा, अगर ऐसा रहा तो आपकी क़यादत व गठबंधनों के दरवाज़े खुल जायेंगे ।

"हम इस वक़्त ऐसे दहाने पर खड़े हैं जिसके आगे खाई है तो पीछे कूआं ", हारून रशीद Reviewed by Unknown on October 10, 2018 Rating: 5

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