अफगानिस्तान में बीते रोज़ हुफ़्फ़ाज़ ए कराम का अलमनाक सानेहा ! हर एक मोमिन के लिए बाइस ए इबरत है
अफगानिस्तान में बीते रोज़ हुफ़्फ़ाज़ ए कराम का अलमनाक सानेहा ! हर एक मोमिन के लिए बाइस ए इबरत है।
दुनिया को हमारे गम से कोई आशनाई नही ये इस बात की अलामत बन चुका है कि हमारा लहू लहु नही पानी है, और हम हैं कि इसी दुनिया की मश्रीकि व मग़रिबी तेहज़ीबो के अलम्बरदार हैं,,,,ये सानेहा इस कुरर-ए-अर्ज़ पर बसे हर एक मोमिन को ये नसिहतें दे रहा है,,,,कि सिर्फ और सिर्फ़ मदद करने वाली ज़ात अल्लाह है,उसी के सामने अपनी हाजात और मन्नतों की फ़रियाद करो,,,,,छोड़ दो ज़ुल्मत में बसी इस दुनिया की लज़्ज़तो को , यहाँ न तो कभी इंसानियत का कोई शैदाई था और न रहेगा,हमारी हिफ़ाज़तो की ज़िम्मेदारी सिर्फ़ अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त की दस्त ए क़ुदरत में है,,,इस दर्दनाक हादसे में भी हमारा इम्तेहान हो सकता कि काश की अए इब्न ए आदम तू अपनी ज़ात से रु बरु हो जा की तू ख़ाकी और तेरा काम है सिर्फ उसी मअबूद ए बरहक़ के सामने सज़दारेज़ हो जाना,,,,
अल्लाह हमें मौत दे तो शहादत की मौत दे,,,
#आमीन
अबू मशाल
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April 03, 2018
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